VTLucknowLucknow university : जाने पुराने समय के पेड़ और पत्थरों की क्या खासियत थी ?
जाने इन पत्थरों से कैसे बनते हैं वाहन के शीशे, कांच की चूड़ियाँ और इन पत्थरों को देख के पहचाने कैसा था वहाँ का वातावरण |
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VTLucknowजाने इन पत्थरों से कैसे बनते हैं वाहन के शीशे, कांच की चूड़ियाँ और इन पत्थरों को देख के पहचाने कैसा था वहाँ का वातावरण |
VTLucknowGeological Museum University of Lucknow से जानें Diamonds के दामों में इसलिए इतना difference होता है | इसलिए आपको गुटखा तंबाकू नहीं खाना चाहिए...
VTLucknowReading Time: 2 minutes लखनऊ- ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आज नियमित शिक्षकों ने कुलपति खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिसके लिए शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत सभागार में एक बैठक आहूत की इस बैठक का नेत
राजधानी स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 1 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में लगातार एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आ रही है। ताजा मामला विश्वविद्यालय के ही पत्रकारिता एवं जनसंचार...
Lockdown Effect in Lucknow अमूमन तो ज्येष्ठ के ये बड़े मंगल लोगों के चेहरों पर खुशी और उनके जीवन में मंगल का पर्याय बनकर आते थे, लेकिन अबकी बार तो जैसे सब...
गौरतलब यह है की Khwaja Moinuddin Chishti Language University के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने परीक्षाएं पूरी होने के 3 दिन के भीतर मूल्यांकन प्रक...
विश्वविद्यालय के कुलानुशासक और उनकी प्रॉक्टोरियल टीम इन दिनों विद्यार्थियों को एक बेहतर माहौल देने के लिए प्रयासरत है छात्रों के साथ बेहतर संवाद स्थापित...
उत्तर प्रदेश (लखनऊ) स्थित SELECT ASTRO INSTITUTE ने इस बीच एक नया कोर्स बनाया है जिसमें विद्यार्थि या जो रोजगार पाने या करने के इच्छुक हैं...
Lucknow Madiyaon News: एक तरफ सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ बेहतर पुलिसिंग और अच्छी प्रशासनिक व्यवस्था की बात कह रहे हैं। लेकिन राजधानी...
सूबे की राजधानी लखनऊ में बीते 35 दिनों से 69000 शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थी धरना रत हैं इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में वह दिन रात एक कर इस कड़ाके की ठंड..
Reading Time: 6 minutes लेख सुने – राजधानी लखनऊ- गोशालाओं तड़प-तड़प कर मरने से अच्छा गाय बूचड़खाने में चली जाती और एक बार में कट कर मर जाती। कम से कम उनकी यह हालत तो न होती।” राजधानी लखनऊ की दो ग्रामीण गोशालाओं की स्