लखनऊ से · 2018 से
जनता की आवाज़
ट्रेंडिंग
69000 शिक्षक भर्ती : 6800 Reservation बेसिक शिक्षा मंत्री आवास का घेराव करने के बाद क्या बोले?क्यों ये लोग मोदी, अमित शाह से आशीर्वाद लेने 532 km लखनऊ से दिल्ली तक पैदल जा रहे हैं?शशि थरूर क्यों दे रहे हैं सफाई? | Shashi Tharoor | Lok Sabha | Supriya SuleCM Yogi Adityanath के Bulldozer Baba वाली बात पर Akhilesh Yadav ने ये कहा | Jankipuram VistarLucknow university : जाने पुराने समय के पेड़ और पत्थरों की क्या खासियत थी ?Diamonds के दामों में इसलिए इतना difference होता है | इसलिए आपको गुटखा तंबाकू नहीं खाना चाहिएLucknow के Prag Narayan Road में चले Yogi Goverment के Bulldozer से आम जनता क्यों परेशान है ?लखनऊ में Rang Mahotsav 2022 में क्या क्या है ?भाषा विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, पूर्व कुलपति ने शिक्षकों के साथ खोला मोर्चाछात्र के निष्कासन पर सुप्रीम कोर्ट ने भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति से मांगा जवाबभाषा विश्वविद्यालय में एक ही कक्षा के 90 फ़ीसदी छात्र हुये फेल मचा हड़कमपंचायत चुनावों के नतीजों से नहीं पड़ेगा कोई फर्क जिला अध्यक्ष बीजेपी69000 शिक्षक भर्ती : 6800 Reservation बेसिक शिक्षा मंत्री आवास का घेराव करने के बाद क्या बोले?क्यों ये लोग मोदी, अमित शाह से आशीर्वाद लेने 532 km लखनऊ से दिल्ली तक पैदल जा रहे हैं?शशि थरूर क्यों दे रहे हैं सफाई? | Shashi Tharoor | Lok Sabha | Supriya SuleCM Yogi Adityanath के Bulldozer Baba वाली बात पर Akhilesh Yadav ने ये कहा | Jankipuram VistarLucknow university : जाने पुराने समय के पेड़ और पत्थरों की क्या खासियत थी ?Diamonds के दामों में इसलिए इतना difference होता है | इसलिए आपको गुटखा तंबाकू नहीं खाना चाहिएLucknow के Prag Narayan Road में चले Yogi Goverment के Bulldozer से आम जनता क्यों परेशान है ?लखनऊ में Rang Mahotsav 2022 में क्या क्या है ?भाषा विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, पूर्व कुलपति ने शिक्षकों के साथ खोला मोर्चाछात्र के निष्कासन पर सुप्रीम कोर्ट ने भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति से मांगा जवाबभाषा विश्वविद्यालय में एक ही कक्षा के 90 फ़ीसदी छात्र हुये फेल मचा हड़कमपंचायत चुनावों के नतीजों से नहीं पड़ेगा कोई फर्क जिला अध्यक्ष बीजेपी
टॉप ट्रेंडिंग

हाथरस केस में 12 गांवो के सवर्णो की बैठी, पंचायत फैसला में कहा जा रहा सभी आरोपी बेकसूर,पंचायत उनके पक्ष में।

देश भर की मीडिया की नजरें अपनी ओर खींचने वाला हाथरस एक बार फिर चर्चा का विषय बन रहा है। दलित युवती से कथित रेप मामले में जो चार आरोपी हैं, उनके समर्थन में गांव और आस-पास के सवर्ण एक हो रहे हैं।

देश भर की मीडिया की नजरें अपनी ओर खींचने वाला हाथरस एक बार फिर चर्चा का विषय बन रहा है। दलित युवती से कथित रेप मामले में जो चार आरोपी हैं, उनके समर्थन में गांव और आस-पास के सवर्ण एक हो रहे हैं।

12 गांवों के ब्राह्मणों-ठाकुरों ने गुपचुप लगाई पंचायत, फैसला लिया कि गैंगरेप के आरोपियों का साथ देंगे, गांव में किसी बाहरी को घुसने भी नहीं देंगे।

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक- पीड़िता के गांव बूलगढ़ी से करीब 500 मीटर की दूरी पर दो अक्टूबर, शुक्रवार को सैकड़ों लोग जमा हुए। सभी या अधिकतर सवर्ण थे, ये एक सवर्ण पंचायत किस्म की बुलाई गई थी। आम राय ये बनी कि चारों आरोपियों को फंसाया जा रहा है और इस मामले को दलित बनाम सवर्ण का रूप दिया जा रहा है।

इस वजह से सभी ने फैसला किया कि आरोपी युवकों का पक्ष रखा जाएगा और गांव में फिलहाल किसी भी बाहरी को आने नहीं दिया जाएगा। यहां जुटे लोगों ने ये भी कहा कि वे जांच से संतुष्ट नहीं हैं, जांच के विरोध में प्रदर्शन भी किया।

दलित बनाम सवर्ण का बन रहा है माहौल-

हाथरस गैंगरेप मामले में एक ओर जहां देशभर में आक्रोश भड़का है, लोग पीड़िता के लिए न्याय मांग रहे हैं वहीं अब लोग जातिवाद के आधार पर आरोपियों के समर्थन में भी लोग लामबंद हो रहे हैं। शुक्रवार को बूलगढ़ी गांव के पास ही स्थित बघना गांव में ठाकुर समुदाय की पंचायत हुई, जिसमें आरोपियों की रिहाई के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया गया।

इस पंचायत में बूलगढ़ी और आसपास के एक दर्जन गांव के ठाकुर और सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस घटना की आड़ में सवर्णों को निशाना बनाया जा रहा है और सवर्ण समाज के खिलाफ दलितों का आक्रोश भड़काया जा रहा है।

गैंगरेप आरोपियों के परिवार ने कहा- इनके साथ बैठना-बोलना भी पसंद नहीं करते, हमारे बच्चे इनकी बेटी को छुएंगे क्या?

दिल्ली में जब सफदरजंग अस्पताल में पीड़ित के परिजन उसके भाई और पिता बार-बार जाति का जिक्र कर रहे थे। इस खबर को लिखते हुए मेरे मन ये सवाल उत्पन्न हो रहे हैं कि क्या अभी भी हमारी वाली दुनिया में इतना गहरा जातिवाद है?

लेकिन गाँव की पंचायत, फिर पंचायत का फैसला और रेप होने 5 दिनों तक कोई कार्यवाही न होना मेरे मन मे आये इन सवालों के जवाब शायद दे देता है। गिरफ्तार आरोपियों के परिवार के लोग कहते हुए दिखे, ‘हम इनके साथ बैठना-बोलना तक पसंद नहीं करते, हमारे बच्चे इनकी बेटी को छुएंगे?

हालाँकि एसआइटी की रिपोर्ट के बाद शुक्रवार देर शाम उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस के एसपी विक्रांत वीर समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

लेकिन पीड़ित परिवार को धमकाने वाले जिलाधिकारी पर मुख्यमंत्री की कृपा बरकरार रही। आज मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रमुख सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी हाथरस पहुंच रहे हैं।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था-नहीं हुआ बलात्कार

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मंगलवार को दावा किया था कि हाथरस में 19 साल की युवती के साथ रेप नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि युवती की मौत गले में चोट लगने और उसके कारण हुए सदमे की वजह से हुई थी। फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से भी यह साफ जाहिर होता है कि उसके साथ बलात्कार नहीं हुआ।

प्रशांत कुमार ने कहा कि वारदात के बाद युवती ने पुलिस को दिए बयान में भी अपने साथ बलात्कार होने की बात नहीं कही थी। उन्होंने कहा कि उसने सिर्फ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था।

कुमार ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और जातीय हिंसा भड़काने के लिए कुछ लोग तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।

आ

आयुष तिवारी

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

और पढ़ें