संविधान दिवस : जानें आज के इस मुबारक दिन के कुछ रोचक तथ्य !

आज 26 नवम्बर है और आज का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, आज ही के दिन 1949 में संविधान पूर्ण रूप से बनकर तैयार हुआ था। भारत का संविधान विश्व में सबसे बड़ा और हस्तलिखित संविधान है। इसे बनाने का श्रेय बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर को दिया जाता है। इसके निर्माण के समय एक प्रारूप समिति थी, जिसकी अध्यक्षता डॉ.आंबेडकर जी ने की थी।
किसी भी देश के शासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए देश के लिए एक संविधान की जरुरत होती है। 15 अगस्त 1947 को जब देश आज़ाद हुआ था तो उस समय भी देश का अपना कोई कानून या शासन नहीं था। भारत देश तब भी ब्रिटिश कानून के अनुरूप चल रहा था, तब देश को एक संविधान की जरुरत महसूस हुई और इसी वजह से संविधान निर्माण का बीज पड़ा।
प्रस्तावना में संविधान का सार होता है। प्रख्यात न्यायविद व संविधान विशेषज्ञ एन.ए.पालकीवाला ने प्रस्तावना को ‘संविधान का परिचय पत्र’ कहा है।
“हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतान्त्रिक, गणराज्य बनाने के लिए और इसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, धर्म, विश्वास व उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता सुनिश्चित करने वाला, बंधुत्व बढ़ाने के लिए दृण संकल्पित होकर अपनी इस संविधान सभा में आज दिनांक 26 नवम्बर, 1949 को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
संविधान के अनुसार भारत का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है, यह ना तो किसी धर्म को बढ़ावा देता है, ना ही किसी से भेदभाव करता है।
वर्ष 2015 से 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने की परम्परा की शुरुआत हुई। इससे पहले इस दिन को ‘कानून दिवस’ के रूप में याद किया जाता था। किसी भी देश की परिस्थिति भारत देश से भिन्न है क्योंकि यहाँ बहुत सी धर्म और जाति और के लोग रहते हैं और समाज में अनेक प्रकार की कुरीतियां थी, भेदभाव था तो संविधान द्वारा उन सभी को समाज में बराबर का सम्मान दिलाने की बात की गयी है।
ये संविधान न सिर्फ नागरिकों को उनके अधिकार प्रदान करता है बल्कि साथ ही साथ उनको अपने कर्तव्य भी याद दिलाता है। सरकार, कार्यपालिका, न्यायपालिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल समेत अनेक जनप्रतिनिधियों को उनके कर्तव्य और अधिकार की पूर्ण जानकारी देता है। इस प्रकार से यह विश्व का विशालतम और अनोखा संविधान है, जो कि देश के प्रथम नागरिक से लेकर आम नागरिक तक को अधिकार प्रदान करता है।
भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन लगे थे। वर्तमान में इसमें 465 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं, परन्तु निर्माण के समय इसमें सिर्फ 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थी । 26 नवम्बर 1949 को संविधान ग्रहण दिवस के अवसर पर गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया गया।
