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राजनीति

सादा जीवन,उच्च विचार-मनोहर पर्रिकर असली आम आदमी

कभी स्कूटर से विधनसभा पहुंच जाते तो कभी हवाई चप्पलो में सम्मेलनों में। कुछ ऐसा था मनोहर पर्रिकर का पूरा जीवन जो कि दूसरे राजनेताओ से उनको अलग करता है

हमारे देश की दागदार राजनीति में हीरे की तरह चमकने वाली छवि रही है मनोहर पर्रिकर की। जहां जनता के हित में काम करने आये राजनेता अपनी झोलियां भर भर कर सत्ता से बाहर हो जाते हैं और जब कोई नई सरकार आती है तब उन पर कार्यवाही हो पाती है। वहीं कुछ राजनेता ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने ऊपर कभी भी भ्रष्टाचार के दाग को लगने नहीं दिया। गोवा के मुख्यमंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर भी शायद ऐसे एक नेता के रूप में हमेशा जाने जाएंगे।

मनोहर पर्रिकर का रविवार को कैंसर से जूझते हुये 63 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। मनोहर पर्रिकर ने अंतिम सांस तक गोवा के मुख्यमंत्री होने का फर्ज अदा किया।

इससे पहले भी वे गोवा के चार बार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2014 से 2017 तक वह मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री भी थे।

मनोहर पर्रिकर का पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्ण पर्रिकर था जो गोवा के मापुसा में 13 दिसंबर 1955 को जन्मे थे।

स्कूल के दिनों से ही पर्रिकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिस्सा थे। 1978 में उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया ।

26 वर्ष की आयु में वे मापुसा के संघ चालक बन गये थे। 1988 में वे भाजपा में शामिल हुये और राम जन्म भूमि के आंदोलन का हिस्सा भी बने।

रविवार को राष्ट्रपति श्री राम नाथ गोविन्द ने ट्विटर पर उनके देहांत के बाद उनको श्रद्धांजलि दी और लिखा ”गोवा व देश के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

Extremely sorry to hear of the passing of Shri Manohar Parrikar, Chief Minister of Goa, after an illness borne with fortitude and dignity. An epitome of integrity and dedication in public life, his service to the people of Goa and of India will not be forgotten #PresidentKovind — President of India (@rashtrapatibhvn) March 17, 2019

Extremely sorry to hear of the passing of Shri Manohar Parrikar, Chief Minister of Goa, after an illness borne with fortitude and dignity. An epitome of integrity and dedication in public life, his service to the people of Goa and of India will not be forgotten #PresidentKovind

— President of India (@rashtrapatibhvn) March 17, 2019

देश के प्रति समर्पित इस नेता के देहांत के बाद केंद्र सरकार ने 1 दिन का राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है और वहीं गोवा में 7 दिन का राजकीय शोक की घोषणा हुई है। गोवा में आज सभी स्कूल , कॉलेज बंद रहेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पर्रिकर के निधन पर शोक जताया

I am deeply saddened by the news of the passing of Goa CM, Shri Manohar Parrikar Ji, who bravely battled a debilitating illness for over a year. Respected and admired across party lines, he was one of Goa’s favourite sons. My condolences to his family in this time of grief. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 17, 2019

I am deeply saddened by the news of the passing of Goa CM, Shri Manohar Parrikar Ji, who bravely battled a debilitating illness for over a year.

Respected and admired across party lines, he was one of Goa’s favourite sons.

My condolences to his family in this time of grief.

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 17, 2019

देश के पहले, आईआईटी से पढ़े मुख्यमंत्री थे मनोहर पर्रिकर। 2001 में आईआईटी बॉम्बे ने उन्हें विशिष्ट एल्यूमनाई अवॉर्ड से सम्मानित भी किया था।

लम्बे समय अपनी बीमारी से लड़ने के बावजूद उन्होंने बखूबी एक मुख्यमंत्री का पद संभाला । नाक में ड्रिप लगीं तस्वीरें भी सोशल मिडिया पर आये दिन वायरल होती थीं।

सोशल मिडिया पर लोग उनके इस काम की खूब तारीफे किया करते थे। मनोहर पर्रिकर गोवा बीजेपी के एक बहुत ही मजबूत स्तम्भ थे।

सादा जीवन , उच्च विचार

जी हाँ, कुछ ऐसा ही था उनका जीवन।

भले ही वो 4 बार के मुख्यमंत्री हो लेकिन वे हमेशा ही सादा जीवन जीते थे । उनको गोवा की सड़को पर स्कूटर पर देखना आम बात थी। जब पर्रिकर रक्षा मंत्री थे तब भी वे प्लेन में इकॉनमी क्लास में ही सफर करते थे।

उनकी सादगी ऐसी थी की बड़े-बड़े सम्मेलनों में वे हवाई चप्पल और हाफ शर्ट में पहुंच जाते थे।

गुजरात दंगों पर बोली थी ये बड़ी बात

पर्रिकर ने गुजरात दंगों पर कहा था की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर गुजरात दंगा एक धब्बा है। गौरतलब है कि पर्रिकर ने बाद में यह भी कहा कि मोदी व्यक्तिगत रूप में इसमें शामिल नहीं थे। प्रधानमंत्री मोदी भी पर्रिकर की सादगी के कायल थे इस लिए उन्होंने 2014 के मंत्रिमंडल में पर्रिकर को रक्षा मंत्री बनाया था।

गोवा में बहुमत न होने के बावजूद सरकार बनायीं

गोवा में 2017 में विधानसभा चुनाव हुये पर इनमें भाजपा कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पायी।

उस समय कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी पार्टी थी। पर्रिकर बीजेपी के हाथो से गोवा को निकलते नहीं देखना चाहते थे। उन्होंने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया और राज्य की राजनीति में लौट आये ।

भारतीय जनता पार्टी के पास गोवा में मात्र 14 सीटे ही थी फिर भी उन्होंने वहां सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की।

मनोहर पर्रिकर का परिवार

उनके परिवार में 2 बेटे है , उत्पल पर्रिकर और अभिजीत पर्रिकर। उत्पल पर्रिकर एक इंजीनियर हैं और अभिजीत पर्रिकर का खुद का व्यापार। उनकी पत्नी का नाम मेधा था।

उनका भी निधन 2001 में कैंसर की बीमारी के चलते हो गया था।

2019 विधनसभा के दौरान पर्रिकर ने कहा था कि अंतिम सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा। जोश है और बहुत ऊंचा है और मैं पूरी तरह से होश में हूं। उनकी नाक में ड्रिप लगी होने के बावजूद उन्होंने विधानसभा में बजट पेश किया था।

गौरतलब है कि फरवरी 2018 में पर्रिकर के पैंक्रियाटिक कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। बीमारी के इलाज के लिए वह गोवा , दिल्ली , मुंबई और यहाँ तक की न्यूयॉर्क के अस्पतालों में भी इलाज करवा चुके थे।

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VoxyTalksy

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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