यूपी: जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बड़े फेरबदल की तैयारी में सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार
सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष यानी ब्लॉक प्रमुख के चुनाव भी ग्राम प्रधान की ही तरह सीधे जनता से करवाने का भी मन बना लिया है।
लखनऊ– उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) में राज्य के आगामी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में उम्मीदवारों के लिए दो बच्चों की बाध्यता के साथ ही न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने की कवायद चल रही है।
इसी क्रम में सरकार एक और बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।
दरअसल, सरकार जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष यानी ब्लॉक प्रमुख के चुनाव भी ग्राम प्रधान की ही तरह सीधे जनता से करवाने का भी मन बना लिया है।
इसके लिए केन्द्रीय पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष यानी ब्लॉक प्रमुख के चुनाव भी ग्राम प्रधान की ही तरह सीधे जनता से करवाने का मन बना लिया है।
संविधान में करना पड़ सकता है संशोधन
मौजूदा व्यवस्था में यह प्रावधान है कि जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुने हुए सदस्यों के द्वारा चुने जाएंगे ।इसलिए अब केंद्र सरकार को इस 73वें संविधान संशोधन में दूसरा संशोधन करना होगा।
उम्मीद है की मानसून सत्र में केन्द्र सरकार अगर संविधान संशोधन का प्रस्ताव पारित करवा लेती है तो फिर जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के चुनाव भी सीधे जनता से करवाए जा सकते हैं।
वर्तमान समय में यह है चुनाव कराने की प्रकिया
दरअसल, सरकार की मंशा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में पारदर्शिता आए और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे क्योंकि जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का चुनाव चुने हुए सदस्यों के द्वारा होता है।
ऐसे में सदस्यों की खरीद-फरोख्त की बातें भी सामने आती हैं। इतना ही नहीं धनबल के साथ ही बाहुबल का भी जमकर प्रयोग किया जाता है।
इसी को देखते हुए अब सरकार जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का चुनाव भी प्रधानी की तरह जनता द्वारा करवाया जाए।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मांगा ब्राह्मणों के आर्म्ड लाइसेंस का डेटा, फजीहत होने पर कदम पीछे खींचे।
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भ्रष्टाचार पर हो सकेगी व्यापक कार्यवाही
बीजेपी पंचायतीराज प्रकोष्ठ के पूर्व सह संयोजक रत्नेश मौर्य ने बताया कि जब आगामी पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की योग्यता तय करने की बात की जा रही है तो इसी के साथ ही जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के चुनाव भी सीधे जनता से ही करवाने के लिए संविधान में संशोधन करवाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर इनका चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाता है तो भ्रष्टाचार और सदस्यों की खरीद फरोख्त रोक लगेगी।
