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स्वास्थ्य और फिटनेस

(World Food Safety Day): जाने दूषित खाना खाने के बचाव

World Food Safety Day: आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है इस दिन जाने किस तरह से हम अपने खाने को दूषित होने से बचा सकते हैं ? और किस तरह शुद्ध भोजन ग्रहण करके अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं ?

7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) के रूप में मनाया जाता है, यह दिवस खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया जाता है। बढ़ते प्रदूषण के कारण खाद्य पदार्थ भी दूषित हो जाते हैं।

आँकड़ों के अनुसार उल्टे-सीधे खाद्य पदार्थों की वजह से देशभर में प्रति मिनट 44 लोग और प्रति साल 23 मिलियन से अधिक लोग बीमार पड़ जाते हैं।

प्रदूषण में हो रही बढ़ोतरी और जहरीले खाने से लगभग 4500 लोग प्रतिवर्ष अपना जीवन खो देते हैं, यह आंकड़ा सुनने में भले ही आपको हैरानी हो मगर यह सत्य ही है।

हम, आप और सभी लोग खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उसमें से कई खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं जिससे हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियां पनपती हैं।

दूषित खाना खाने वाले और उससे होने वाली बीमारियों के आंकड़े आज के दिन यानी 7 जून 2019 को पहली बार विश्व खाद सुरक्षा दिवस के अवसर पर प्रकाशित किए गए।

दूषित पदार्थों से विश्व भर में लाखों लोग बीमार होते हैं इसकी वजह है बैक्टीरिया, वायरस और रासायनिक खाद्य पदार्थ।

इस तरह के खाने से मानव जीवन ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था और पर्यावरण भी काफी प्रभावित होते हैं अधिक प्रदूषित खाना हमारे शरीर में डायरिया जैसी बीमारी को पैदा करता है।

और साथ ही साथ दूषित खाने की वजह से आपके शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा हो सकती हैं जिनमें डायबिटीज, हार्टअटैक, मोटापा जैसी कई तरह की बीमारी का खतरा हमेशा बना रहता है।

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परंपरागत भारतीय खानपान की बात करें तो, भारतीय खानपान में मसाला-मिर्चा जैसी चीजों का खूब इस्तेमाल किया जाता है जो हमारे खाने को स्वादिस्ट तो बनाता है परन्तु यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी होती हैं।

बढ़ते प्रदूषण के कारण यह मसालेदार खाना हमारी सेहत को और अधिक प्रभावित करता है। शुद्ध वायु व शुद्ध जल की कमी के कारण हमारा शरीर इन तरह के खानों को पचा पाने में असमर्थ होता है।

अगर हम बाहर के खाने की बात करें तो, हमें जंक फूड, फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड जैसे खाने से बचना चाहिए। इस तरह के खाने को शुगर, सोडियम, लेड जैसे खतरनाक रसायनों का प्रयोग कर स्वादिष्ट बनाया जाता है।

इन सभी भोजन में मात्र स्वाद ही रहता है जबकि सेहत से जुड़ी हुई किसी भी तरह का कोई पदार्थ व वस्तु नहीं रहती इससे मनुष्य की भूख तत्काल मिट तो जाती है परंतु वो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती।

जीवन की भागदौड़ में हम इतने अधिक उलझ जाते हैं कि घर के खाने से दूरियां अधिक बढ़ जाती हैं। अगर हम महानगरों की जीवन शैली की बात करें तो काम के तनाव के कारण घर पर निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन की बजाए, बाजार में उपलब्ध रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों का सेवन कर अपनी भूख को शांत करते हैं।

बाहर नौकरी करने वाले व्यक्ति, कमरा रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी, होटलों में और टिफिन जैसे भोजन से अपना पेट भरते हैं परंतु इन सभी तरह के खानो में पौष्टिकता की बजाय स्वाद पर बल दिया जाता है।

दूषित खाने से बचाव

प्रदूषण रहित इस संसार में दूषित खाने से बचाव की हमें बहुत अधिक आवश्यकता है। यदि हम अपने आप को दूषित खाने व पदार्थों से बचा नहीं पाए तो मोटापा, डायबिटीज, हार्ड अटैक जैसी बीमारियां हमें जरूर घेर लेंगी।

आधुनिक दुनिया में नए तरह के पकवान आसानी से खाने को मिल जाते हैं। जमेटो, स्विगी, उबर ईट्स जैसी कंपनियों के चलते स्वादिष्ट खाना तो हमें मिल जाएगा परंतु उसमें पौष्टिकता की बजाय स्वाद की मात्रा अधिक होगी। जिससे हमें बचना चाहिए।

घर में खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें सब्जी लाते ही उसे धो ले। खाना बनाने में साफ़ बर्तन का इस्तेमाल करें।

बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें क्योंकि बाहर के खाने में गंदगी और इन्फेक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है।

यदि आप जल्दी में है और खाना खाने से देरी हो सकती है तो उस जगह मौसमी फलों का इस्तेमाल करे।

सब्जी व फल लेने जाने वक्त तक हमें यह याद रखना चाहिए कि स्टीकर लगे फलों का उपयोग बिल्कुल ना करें, क्योंकि यह सब सिर्फ इनकी बाहरी सुंदरता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

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अपने खाने व फल, सब्जियां और खाद्य पदार्थों को पॉलिथीन या अखबार में लपेट कर ना रखें प्लास्टिक के बर्तन में गर्म भोजन ना रखें, ऐसा करने पर अखबार व प्लास्टिक के बर्तनों का प्रदूषित कण सब्जियों व फलो में लग जाता है।

भोजन बनने के तुरंत बाद भोजन ग्रहण कर ले अधिक समय तक रखे हुए भोजन को अधिक तवज्जो ना दें।

सब्जी लेने जाते वक्त हमेशा ताजी सब्जियों का इस्तेमाल करें क्योंकि ताजी सब्जियों में जरूरी पोषक तत्व की भरपूर मात्रा बनी रहती है। सड़े-गले सब्जी व फलों का सेवन करने से परहेज करें।

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VoxyTalksy

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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