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बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे जनता दल यूनाइटेड JDU में हुए शामिल

पटना. बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (DGP Gupteshwar Pandey) ने आज आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय के पिछले कई दिनों से जेडीयू में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे।

वहीं, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा थी कि वे बीजेपी में भी जा सकते हैं। लेकिन आज जब उन्होंने विधिवत जेडीयू की सदस्यता ली, तो सारे कयासों को विराम लग गया।

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के राजनीति में आने के कयास काफी दिनों से लगाए जा रहे थे

इस कयास से पर्दा शनिवार को उस वक्त हट गया था, जब वे अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पटना स्थित जेडीयू के कार्यालय में चले गए थे। इसके बाद से ही पांडेय के जेडीयू में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

हालांकि उस समय यह तय नहीं हुआ था कि वे किस दिन जेडीयू में शामिल होंगे।मीडिया की चर्चाओं को लेकर तब पूर्व डीजीपी ने ऐसी किसी बात से इनकार किया।

नीतीश से मुलाकात के बाद गुप्तेश्वर पांडेय के लोकसभा उपचुनाव लड़ने की भी चर्चाएं चल रही हैं। इसको लेकर भी पांडेय ने किसी तरह की संभावना से इनकार किया था।

पांडे ने कहा था कि चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने फिलहाल कोई रणनीति नहीं बनाई है। अलबत्ता सीएम नीतीश कुमार की तारीफ में उन्होंने कसीदे जरूर पढ़े थे।

डीजीपी पद से रिटायरमेंट लेने वाले पूर्व IPS अफसर ने कहा था कि नीतीश कुमार ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने दिया, इसीलिए वे जेडीयू कार्यालय में उन्हें धन्यवाद देने गए थे। लेकिन रविवार की सुबह से ही ऐसी खबरें आने लगी कि गुप्तेश्वर पांडेय शाम तक जेडीयू की सदस्यता लेंगे।

पहले भी वीआरएस ले चुके हैं गुप्तेश्वर पांडे

यह पहली बार नहीं जब सियासी पारी के लिए पांडेय ने आईपीएस की नौकरी छोड़ी है। इससे पूर्व 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भी उन्होंने इस्तीफा दिया था।

तब वह भाजपा के टिकट पर बिहार की बक्सर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। पांडेय को इस बात का पूरा भरोसा था कि बक्सर से भाजपा के तत्कालीन सांसद लालमुनि चौबे को पार्टी दोबारा टिकट नहीं देगी। लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी तब फिर गया जब पार्टी ने दोबारा चौबे को बक्सर से अपना प्रत्याशी बना दिया।

सुशांत सिंह राजपूत मामले में रहे सुर्खियों में

हाल में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में गुप्तेश्वर पांडेय ने महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार के बिहार की नीतीश सरकार पर हमले को लेकर बिहार सरकार का बचाव किया था। अपने बयानों से उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थी।

बतौर आईपीएस पांडेय का करियर

1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय जनवरी 2019 में डीजीपी बने थे। बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल 28 फरवरी, 2021 तक था। आईपीएस अधिकारी के तौर पर पांडेय ने करीब 33 साल की सेवा पूरी की है।

लंबे समय से उनके वीआरएस की अटकलें चल रही थीं। कुछ दिन पहले ही ही केंद्र सरकार को भेजा गया उनका वीआरएस तत्काल मंजूर हो गया। हालही में उन्होंने गृह जिले बक्सर का दौरा किया था।

आ

आयुष तिवारी

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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