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आखिर सरकार को झुकना पड़ा ! 200 पॉइंट रोस्टर बहाल।

सरकार जल्द ही अध्यादेश लाकर ख़त्म करेगी 13 पॉइंट रोस्टर , जिससे आरक्षण लगभग ख़त्म कर दिया गया था। जानें क्या है यह रोस्टर सिस्टम क्यों सरकार को पीछे हटना पड़ा।

महीनों से चल रहे विरोध, और २ दिन पहले भारत बंद की वजह से आखिरकार मोदी सरकार को 13 पॉइंट रोस्टर प्रणाली हटाकर 200 पॉइंट बहाल करने पर राज़ी हो गयी है।

पहले एस. सी. एस. टी. एट्रोसिटीज एक्ट को कमज़ोर करने, संविधान जलाये जाने जैसे कारणों की वजह से मोदी सरकार पर दलित विरोधी होने का इलज़ाम लगता रहा है , ऊपर से 13 पॉइंट रोस्टर लागू करके व सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर सरकार ने जैसे अपने पेअर पर खुद ही खुल्हाडी मार ली थी। कई दिनों से देशभर में प्रदर्शनों का दौर जारी था और इस देश के एस. सी., एस. टी. व अल्पसंख्यकों के बीच सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा था।

क्या सरकार ने नज़दीकी चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया ?

आगामी लोकसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम मजबूरी में लिया हुआ ज्यादा लग रहा है क्योंकि यदि सरकार बहुजनों ले हितों की हिमायती होती , तो शायद ऐसी नौबत ही नहीं आती।

आज है भारत बंद ! जानें क्यों और किसने बुलाया बंद और देखें इन तस्वीरों में बंद की सफ़लता।

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देखें कैसे विभिन्न संघटनों ने 31 जनवरी को जंतर मंतर व देश भर में विरोध प्रदर्शन किया था

जानें क्या फरक है 200 पॉइंट रोस्टर और 13 पॉइंट रोस्टर में

सामान्यतः किसी भी विश्वविद्यालय में जब असोसिएट प्रोफेसरों की नियुक्ति होती है , पूरे विश्वविद्यालय को एक यूनिट मान कर नियुक्ति की जाती है। 13 पॉइंट रोस्टर में विभाग को एक यूनिट माना जाता है। अब किसी भी विभाग में 13 नियुक्तियां बहुत काम ही आती हैं, यानी आरक्षित वर्ग (एससी, एसटी और ओबीसी) को प्रोफेसर की नौकरी मिलना लगभग नामुमकिन हो गया था। 13 या 200 का मतलब यहाँ यह है कि हर 13 य 200 नियुक्तियों के बाद दोबारा 1 ,2 ,3 नियुक्तियां की जाएंगी।

१३ पॉइंट रोस्टर प्रणाली क्या है समझें :

किसी ओ. बी. सी. उम्मीदवार की नियुक्ति के लिए कम से कम 4 रिक्त नियुक्तियां आना ज़रूरी क्योंकि चौथा, आठवां और बारहवां उम्मीदवार ओ बी सी कोटे से भरा जाएगा

किसी एस. सी. उम्मीदवार की नियुक्ति के लिए कम से कम 7 नियुक्तियां आना ज़रूरी क्योंकि हर 7वां उम्मीदवार अनुसूचित जाती का होगा

किसी एस. टी. उम्मीदवार की नियुक्ति के लिए कम से कम 14 नियुक्तियां आना ज़रूरी क्योंकि हर 14 वां उमीदवार अनुसूचित जनजाति से होगा

ज़ाहिर है इस प्रणाली से आरक्षण बिल्कुल ख़त्म हो जाता है।

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हर्ष वर्धन

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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