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1 नवंबर से खुलेंगे कॉलेज और विश्वविद्यालय के (UG) और (PG) कोर्स, शिक्षा मंत्री ने जारी किया निर्देश

यूनिवर्सिटी या कॉलेज कैंपस के नये सत्रों में भले ही आपके लिए यूनिफॉर्म नहीं है, लेकिन मास्क जरूरी होगा। कैंपस में पढ़ने जाने वाले छात्राें के लिए ये नियम कठोरता से लागू होंगे।

स्नातक और परास्नातक के छात्रों के मन में लंबे समय से चले आ रहे इस विचार पर कि कॉलेज और विश्वविद्यालय कब खुलेंगे, विराम लगता हुआ नजर आ रहा है। बहुत जल्द फिर से विश्वविद्यालयों में चहल-पहल और पुरानी वाली रौनक देखने को मिल सकती हैं। जहाँ कोरोना वायरस के कारण पूरे देश के कॉलेज विश्वविद्यालय काफी समय से बंद हैं, वहीं अब इनके फिर से गुलजार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के पहले वर्ष के सत्र शुरू होने की घोषणा कर दी है

शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के पहले वर्ष के सत्र शुरू होने की घोषणा कर दी है।

In view of the COVID-19 pandemic, the Commission has accepted the Report of the Committee and approved the @ugc_india Guidelines on Academic Calendar for the First Year of Under-Graduate and Post-Graduate Students of the Universities for the Session 2020-21.Suggested calendar👇 pic.twitter.com/JPYNhiWb0k— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) September 22, 2020

In view of the COVID-19 pandemic, the Commission has accepted the Report of the Committee and approved the @ugc_india Guidelines on Academic Calendar for the First Year of Under-Graduate and Post-Graduate Students of the Universities for the Session 2020-21.

Suggested calendar👇 pic.twitter.com/JPYNhiWb0k

— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) September 22, 2020

इसके अनुसार सभी विश्वविद्यालय 31 अक्टूबर तक एडमिशन की प्रक्र‍िया पूरी कर लेंगे। इसके अगले ही दिन 1 नवंबर से यूजी और पीजी फर्स्ट इयर के लिए कॉलेज कैंपस खोले जाएंगे।

इस साल कोरोना संक्रमण के चलते देश भर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी

जिसके बाद कॉलेजों और स्कूलों को बंद कर दिया गया था। सीबीएसई ने दसवीं और 12वीं कक्षा की बची हुई परीक्षाएं भी आयोजित नहीं कीं, जिसमें छात्रों को पूर्व प्रदर्शन के आधार पर बचे हुए विषयों में नंबर दिए गए।

इसके अलावा इस साल कॉलेजों के दाख‍िले भी काफी लेट हुए हैं। छात्र अभी तक असमंजस में थे कि एडमिशन प्रक्र‍िया पूरी होने के बाद वो कॉलेज इस साल जा पाएंगे भी या नहीं।

लेकिन सरकार ने विश्वविद्यालयों को कोरोना प्रोटोकॉल और हेल्थ मिनिस्ट्री की गाइडलाइन का पालन करते हुए कॉलेज कैंपस खोलने को कहा है। श‍िक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूजीसी से सलाह के बाद ये फैसला लिया गया है।

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बता दें कि स्कूल और कॉलेजों को खोलने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही गाइडलाइन जारी कर चुका है। इसके अनुसार कैंपस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सबसे जरूरी है।

इसके अलावा कैंपस में मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार कंटेनमेंट जोन के छात्र अभी कॉलेज या स्कूल ज्वाइन नहीं कर सकते।

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कोविड 19 के संक्रमण से बदले बदले नजर आएंगे कैंपस

कोरोना के कहर ने लोगों की लाइफस्टाइल पर बड़ा असर डाला है। साथ ही इसने बच्चों और टीनएजर्स की जिंदगी को भी प्रभावित किया है। कभी कॉलेज कैंपस जाने का क्रेज अब कोरोना के भय से काफी कम दिख रहा है।

इसके अलावा कैंपस भी अब पहले जैसे नहीं रहेंगे। यहां क्लासरूम में बैठने से लेकर मेस, लाइब्रेरी, हॉस्टल और कैंटीन तक के लिए नियम बदल गए हैं।

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अब यूनिवर्सिटी या कॉलेज कैंपस के नये सत्रों में भले ही आपके लिए यूनिफॉर्म नहीं है, लेकिन मास्क जरूरी होगा। कैंपस में पढ़ने जाने वाले छात्राें के लिए ये नियम कठोरता से लागू होंगे।

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आयुष तिवारी

वॉक्सी टॉक्सी के लेखक

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